15 जनवरी 2019 - 17:22
फ़्रांसीसी विदेश मंत्री पहुंचे पवित्र नगर नजफ़, वरिष्ठ धर्मगुरु से मुलाक़ात, इराक़ से किस प्रकार के संबंध चाहता है पेरिस?

फ़्रांस के विदेश मंत्री जान एफ़ लोदरियान ने पवित्र नगर नजफ़ का दौरा किया और वहां उन्होंने वरिष्ठ धर्मगुरू आयतुल्लाह सईद हकीम सहित वरिष्ठ धर्मगुरुओं से मुलाक़ात की।

लोदरियान सोमवार को बग़दाद पहुंचे थे जबकि मंगलवार को उन्होंने नजफ़ का दौरा किया।

फ़्रांस इस कोशिश में है कि इराक़ के पुनरनिर्माण की प्रक्रिया में फ़्रांसीसी कंपनियों को भी हिस्सा मिले। पेरिस सरकार को इराक़ के धार्मिक नगर नजफ़ का महत्व बहुत अच्छी तरह मालूम है। इराक़ में जनता के स्तर पर भी और राजनैतिक दलों के स्तर पर भी नजफ़ नगर का महत्व बहुत अधिक है। इस शहर में वरिष्ठ धर्मगुरु रहते हैं और इस्लामी जगत में इसे धार्मिक ज्ञान के प्रमुख केन्द्रों में गिना जाता है। इसी शहर में पैग़म्बरे इस्लाम के उत्तराधिकारी हज़रत अली अलैहिस्सलाम का रौज़ा स्थित है।

जब आतंकी संगठन दाइश ने अंतर्राष्ट्रीय और क्षेत्रीय शक्तियों की साज़िश के तहत इराक़ के विभिन्न भागों पर क़ब्ज़ा कर लिया और बग़दाद के क़रीब तक पहुंच गया तो उस समय नजफ़ नगर के वरिष्ठ धर्मगुरू आयतुल्लाहिल उज़्मा सीसतानी का फ़तवा जारी हुआ। इस फ़तवे के आधार पर स्वयंसेवी फ़ोर्स हश्दुश्शअबी का गठन हुआ और इस फ़ोर्स ने इराक़ी सेना के साथ मिलकर दाइश की कमर तोड़ दी थी।

नजफ़ नगर और वहां रहने वाले धर्मगुरुओं की देश के भीतर महत्वपूर्ण भूमिका और लोकप्रियता का फ़्रांस सहित पश्चिमी देशों को भलीभांति अंदाज़ा है अतः फ़्रांसीसी विदेश मंत्री यह कोशिश कर रहे हैं कि इराक़ से राजनैतिक और कूटनैतिक संबंधों के साथ ही दूसरे आयामों से भी संबंध बढ़ाए जाएं। पेरिस सरकार को अच्छी तरह पता है कि मध्यपूर्व के इलाक़े में अमरीका का प्रभाव समाप्त होता जा रहा है और अमरीका को पूरे पश्चिमी एशिया के इलाक़े में नफ़रत की नज़र से देखा जाता है अतः फ़्रांस के लिए यह एक अवसर है कि एक नई छवि के साथ खुद को पेश करे।

वैसे भी यूरोप और अमरीका के बीच तनाव बढ़ जाने के बाद यूरोप की नज़र दुनिया के अलग अलग इलाक़ों पर केन्द्रित हो रही है। फ़्रांसीसी सरकार इस कोशिश में है कि अमरीका से अलग हटकर नए रणनीति के तहत अलग अलग देशों से संबंधों में विस्तार किया जाए। फ़्रांस इसी रणनीति के तहत जापान और दक्षिणी कोरिया से भी सहयोग बढ़ाने की चेष्टा में है।

इराक़ दाइश को पराजित करने के बाद अरब जगत और इस्लामी जगत में एक प्रभावशाली देश बनकर उभर रहा है। इराक़ ओपेक में दूसरा सबसे बड़ा तेल उत्पादक देश है। इसीलिए बहुत से देशों की नज़रें बग़दाद की ओर केन्द्रित हैं।